गुरुवार, 12 फ़रवरी 2015

आज तुम घर से नही निकलोगे,...

आज तुम घर से नही निकलोगे,
ऐसा, श्रीमती जी ने प्रतिबन्ध लगाया।
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"रोज" डे गया, "चाकलेट" डे गया,
"हग" डे गया, "किस" डे गया,
जैसे ही, 
"वेलेंन्टान डे" का नम्बर आया...
आज तुम घर से नही निकलोगे,
ऐसा, श्रीमती जी ने प्रतिबन्ध लगाया।
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अगर, आज तुमने किसी भी, 
पड़ोसन से हंसकर,
की बातें, और आँख,
उठाकर भी देखा,तो मैं, 
संमझुगी, की तुमने,
"वेलेंन्टान डे" है, मनाया..
आज तुम घर से नही निकलोगे,
ऐसा, श्रीमती जी ने प्रतिबन्ध लगाया।
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आज तुम, पूजा के लिए,
लाल फुल लेकर,
मन्दिर भी नही, ..जाओगे,
न जाने किसके हाथ में,
फूल थमा,
वेलेंन्टान डे बोल दो,
ऐसी आशंका को जताया...
आज तुम घर से नही निकलोगे,
ऐसा, श्रीमती जी ने प्रतिबन्ध लगाया।
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आज तुम, 
मोर्निग वाक पर,
पार्क भी नही जाओगे,
क्योकि,  शिवसेना और बजरंग दल,
वहाँ विराजमान है,
तुम्हारे, साथ टहलती देख,
न जाने किस महिला से,
जबरदस्ती शादी करा दें।
उन्होंने ऐसा, ऐलान है कराया....
आज तुम घर से नही निकलोगे,
ऐसा, श्रीमती जी ने प्रतिबन्ध लगाया।
..©यशपाल सिंह"एडवोकेट"13/2/2015 9:50pm..6/2/2015

2 टिप्‍पणियां:

  1. सार्थक प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (14-02-2015) को "आ गया ऋतुराज" (चर्चा अंक-1889) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    पाश्चात्य प्रेमदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ...
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बहुत अच्छा ,पहले ही सुरक्षा कर लो ताकि बाद में न पछताना पड़े

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