शुक्रवार, 12 जून 2015

इस तरह से होली मनाऊँ।

जी 
करता है, 
कि, मैं तेरी
जुल्फों से खेलूं।
होली, का मौका है, 
गुलाल लगाने के बहाने,
मैं, तेरी गुलाबी, मुलायम,
संगमरमरसी,गालो को 
अपने हाथों में, .....लेंलूँ।
तुम, शरमा कर, सिर रख दो,
मेरी, गोद में, आँखे बंद कर लो।
मैं, होले-होले तुम्हारी जुल्फों को,
सहलाऊँ, कुछ इस तरह से होली मनाऊँ।
©Yashpal Singh"Advocate"6-3-2015

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